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विश्व पृथ्वी दिवस


हमारी पृथ्वी एकमात्र ऐसा ग्रह है जहाँ आज भी जीवन संभव है। धरती पर जीवन को बचाये रखने के लिये पृथ्वी की प्राकृतिक संपत्ति को बनाये रखना बहुत जरुरी है। इस भीड़ में, भगवान द्वारा बनायी गयी सबसे बुद्धिमान कृति इंसान हैं, अपनी मानवता और अपने ग्रह का ध्यान रखना भूल गया है। धरती जिसने इसको जीवन दिया, आज वो उसी धरती के संसाधनों का निर्दयतापूर्वक इस्तेमाल कर रहा है।

विश्व पृथ्वी दिवस की जानकारी और इतिहास

विश्व पृथ्वी दिवस 2018 पूरे विश्व के लोगों द्वारा 22 अप्रैल, रविवार को मनाया जायेगा। पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय को दर्शाने के लिये साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के बारे में लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाने के लिये 22 अप्रैल को पूरे विश्व भर के लोगों के द्वारा एक वार्षिक कार्यक्रम के रुप में हर साल विश्व पृथ्वी पृथ्वी दिवस को मनाया जाता है। 

पर्यावरणीय सुरक्षा पर ध्यान देने और इस पर काम करने के उद्देश्य से पहली बार 21 मार्च 1970 में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया था। इसके बाद से 192 देशों में इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई।

1969 में, सैन फ्रांसिस्को के जॉन मैककोनल नाम के एक शांति कार्यकर्ता जो सक्रियता से इस कार्यक्रम को शुरु करवाने में शामिल थे, ने एक साथ मिलकर पर्यावरणीय सुरक्षा के लिये इस दिन को मनाने का प्रस्ताव रखा। 21 मार्च 1970 को वसंत विषुव में मनाने के लिये इस कार्यक्रम को जॉन मैककोनेल ने चुना था जबकि 22 अप्रैल 1970 को इस कार्यक्रम को मनाने के लिये अमेरिका के विंसकॉन्सिन सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने चुना था

बेहतर भविष्य के लिये अपने पर्यावरणीय मसले को सुलझाने के लिये इन्होंने लोगों को इस कार्यक्रम में एक-साथ होकर जुड़ने के लिये संपर्क किया था। विश्व पृथ्वी दिवस के पहले समारोह के दौरान लाखों लोगों ने इसमें अपनी इच्छा जताई और इस कार्यक्रम का लक्ष्य समझने के लिये भाग लिया। विश्व पृथ्वी दिवस के लिये कोई एक तारीख निर्धारित करने के बजाय, इसको दोनों दिन मनाने की शुरुआत हुयी। आमतौर पर, पूरे विश्वभर में जरुरी क्षेत्रों में नये पौधे को लगाने के आम कार्य के साथ पृथ्वी दिवस कार्यक्रम को मनाने की शुरुआत हुयी।

लोगों के समक्ष पर्यावरणीय मुद्दे को रखने के साथ ही युद्ध-विरोधी आंदोलन को नियंत्रित करना, दूसरे जीव-जन्तु, स्व-बोध के लिये लोगों की जागरुकता बढ़ाने के लिये पृथ्वी दिवस 1970 की स्थापना की गयी थी। 1969 में कैलिफोर्निया के सेंट बारबरा में संस्थापक गेलॉर्ड नेल्सन (विस्कॉन्सिन से एक यू.एस सीनेटर) के द्वारा पृथ्वी दिवस उत्सव के कार्यक्रम के स्थापना के पीछे एक बड़ी त्रासदी, भारी तेल गिराव की त्रासदी थी। इस त्रासदी ने हवा, पानी और मिट्टी के प्रदूषण के लिए जन चेतना बढ़ाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के उपायों को लागू करने की दिशा में गेलॉर्ड नेल्सन को नेतृत्व करने की प्रेरणा दी।

पृथ्वी दिवस के रुप में क्यों 22 अप्रैल को ही मनाया जाता है?

हमारी पृथ्वी एकमात्र ऐसा ग्रह है जहाँ आज भी जीवन संभव है। धरती पर जीवन को बचाये रखने के लिये पृथ्वी की प्राकृतिक संपत्ति को बनाये रखना बहुत जरुरी है। इस भीड़ में, भगवान द्वारा बनायी गयी सबसे बुद्धिमान कृति इंसान हैं, अपनी मानवता और अपने ग्रह का ध्यान रखना भूल गया है। धरती जिसने इसको जीवन दिया, आज वो उसी धरती के संसाधनों का निर्दयतापूर्वक इस्तेमाल कर रहा है। अपने ग्रह के महत्व के बारे में मानव जाति को जागरुक करने के लिय पृथ्वी दिवस के रुप में 22 अप्रैल को चिन्हित किया गया है।

धरती पर लोगों के रहन-सहन के लापरवाह नजरिये के साथ ही औद्योगिकीकरण की दिनों-दिन बढती दर के बारे में लोगों को जागरुक बनाने के लिये विस्कॉन्सिन से यूएसए सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने इस दिन की नींव रखी। उनके द्वारा यह कदम अपने ग्रह की संपत्ति का सम्मान, प्रोत्साहन करने के साथ ही लोगों के बीच प्राकृतिक संतुलन के विचार को बढ़ाने के लिये लिया गया। हमेशा स्वस्थ और जीवित रहने के लिये पर्यावरणीय मसलों का ध्यान रखना बहुत जरुरी है क्योंकि क्रूर लोग निर्दयतापूर्वक इसके संसाधनो का प्रयोग कर रहें हैं और शताब्दियों से इसके जीवन समर्थक संसाधनों को जर्जर कर रहें हैं।

इसका एक सबसे बड़ा उदाहरण ओजोन परत में क्षरण है जो हमें सूर्य की घातक किरणों से बचाता है। उद्योगों से निकलने वाले जहरीले पदार्थों को मिलने से नदियों का सूखना, पर्यावरण दूषित होने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है जो भूमणडलीय तापक्रम में वृद्धि की ओर ले जा रहा है। रोजाना बढ़ते औद्योगिकीकरण वनों की कटाई की ओर ले जा रहें हैं जो अंतत: धरती के तापमान को बढ़ाने का कारण बनेगा। जो धरती पर स्वाश्वत जीवन के लिये खतरा है, जिसको कुछ छोटे उपायों को अपनाकर कम किया जा सकता है, जैसे पेड़-पौधे लगाना, वनों की कटाई को रोकना, वायु प्रदूषण को रोकने के लिये वाहनों के इस्तेमाल को कम करना, बिजली के गैर-जरुरी इस्तेमाल को घटाने के द्वारा ऊर्जा संरक्षण को बढ़ाना। यही छोटे कदम बड़े कदम बन सकते हैं अगर इसे पूरे विश्वभर के द्वारा एक साथ अनुसरण किया जाये।

क्या हैं प्राकृतिक संसाधन और कैसे बचाएं

प्राकृतिक संसाधन दरअसल, वे संसाधन हैं जिनके लिए कृत्रिम तौर पर कोई प्रयास नहीं करने पड़ते और कुदरती तौर पर ही हमें इनकी सुविधाएं मिलती रहती हैं लेकिन मुश्किल यह है कि हम इन प्राकृतिक संसाधनों को मुफ्त का मानकर इनका इतना दोहन और बर्बादी करते हैं कि इनके ऊपर खतरा मंडराने लगा है। 

जल संसाधन 

विश्व में पर्यावरण प्रदूषण इस कदर बढ़ता जा रहा है कि जल जैसे प्राकृतिक संसाधन पर भी कई देशों में खतरा उत्पन्न हो गया है। पर्यावरण असंतुलन के कारण कहीं भीषण बाढ़ आ रही है तो कहीं पूरे साल बारिश ही नहीं हो रही। ऐसे कई वैज्ञानिक शोध हैं जिनमें यह कहा गया है कि अगर समय रहते जल संरक्षण की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में पीने वाला पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए इसके संरक्षण की ओर ध्यान देने की जरूरत है। घरों में जल संरक्षण वर्षा के जल को पोखर और तालाब आदि के माध्यमों से अथवा बांध द्वारा एकत्र कर रखा जाना चाहिए और घर के धुलाई करने, कपड़े धाने आदि के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहिए। वॉटर हारवेस्टिंग प्लांट बनाकर भी बारिश का जल संरक्षित किया जा सकता है। इसके साथ ही हमें जल प्रदूषण को रोकने के लिए भी ठोस और कारगर कदम उठाने चाहिए। 

वायु संसाधन 

वायु एक ऐसा संसाधन है, जिसकी कमी में मनुष्य या कोई भी जीव-जंतु जीवित नहीं रह सकता। पेड़-पौधे ऑक्सीजन और कार्बनडाइड गैसों की प्रकृति में संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। अतः वायु के संरक्षण हेतु हमें ज्यादा-से-ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए। इसके साथ ही वायु संरक्षण हेतु निम्न उपाय किए जाने चाहिए। इसके साथ ही हमें प्रदूषण मुक्त वाहनों का प्रयोग करना चाहिए। कल कारखानों को इस तरह से बनवाना चाहिए कि उनसे कम से कम प्रदूषण हो और प्रदूषण की रोकथाम के उचित इंतजाम हों। कारखानों की चिमनियां ऊंची बनाई जाएं। इसके अलावा यह भी जरूरी है कि वायु प्रदूषण फैलने वाले लोगों पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। 

वन संसाधन 

वनों के संरक्षण के लिए ज्यादा-से-ज्यादा पौधे लगाए जाएं। मनुष्य को स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में वनों का महत्वपूर्ण योगदान है। दरअसल, पेड़-पौधे प्रकृति में गैसों का संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ वर्षा कराने में भी सहायक होते हैं। इसके साथ ही वे दुर्लभ जीव-जंतुओं का आवास भी होते हैं। इसलिए इनका संरक्षण बहुत जरूरी है क्योंकि इनसे हमें खाने के लिए फल और सब्जियों के अलावा इमारती लकड़ियां, औषधि व ईंधन आदि भी मिलता है। इसलिए यह जरूरी है कि वनों के संरक्षण के लिए इनकी अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाई जाए और ज्यादा-से-ज्यादा पौधे लगाए जाएं। 

मृदा संसाधन 

पृथ्वी की ऊपरी उपजाऊ सतह को मृदा या मिट्टी कहते है। वनों के कटाव तथा अत्यधिक वर्षा एवं पशुओं की अनियंत्रित चराई आदि से इसका ह्रास होता है। मृदा संरक्षण हेतु यह आवश्यक है कि वनों के कटाव को रोका जाए, क्योंकि पेड़-पौधों की जड़े मृदा को बांधकर रखती है। मृदा संरक्षण हेतु पशुओं की चराई पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। मृदा को विषाक्त होने से बचाने हेतु कम-से-कम कीटनाशकों व उर्वकों आदि का प्रयोग किया जाना चाहिए, ताकि मृदा कम-से-कम प्रदूषित हो। रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर कंपोस्ट खाद आदि का प्रयोग किया जाना चाहिए।

पृथ्वी दिवस कैसे मनाया जाता है

अपनी धरती के प्राकृतिक संपत्ति को बचाने के लिये 22 अप्रैल 1970 से ही बहुत उत्साह और दिलचस्पी के साथ पृथ्वी दिवस को पूरी दुनिया के लोग मनाते हैं। 20 मिलियन से ज्यादा अमेरिकन इस कार्यक्रम को मनाने के लिये भाग लेते हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय मुद्दों, औद्योगिकीकरण, वन कटाई आदि पर आधारित भूमिका प्रदर्शित करने के लिये सड़कें, पार्क और ऑडिटोरियम को व्यस्त रखतें हैं। पृथ्वी से जुड़े बढ़ते पर्यावरणीय ह्रास के मुद्दों के विरोध में हजारों कॉलेज, विश्वविद्यालयों और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों से विद्यार्थी सक्रियता से भाग लेते हैं जैसे दिनों-दिन पर्यावरणीय ह्रास, वायु और जल प्रदूषण, ओजोन परत में कमी आना, औद्योगिकीकरण, वन-कटाई आदि से तेलों का फैल जाना, प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरी को तैयार करना, पावर प्लॉन्ट, कीटनाशक का उत्पादन और इस्तेमाल आदि से बचाना।

विभिन्न कानूनी नियमों को लागू करने के द्वारा पृथ्वी की सुरक्षा की ओर बहुत से देशों की सरकारों के द्वारा कई कदम उठाये गये। पृथ्वी दिवस को मनाने के लिये विभिन्न कार्यक्रम और अभियानों का आयोजन पर्यावरण संबंधी नेताओं का एक समूह करता है। विभिन्न प्रकार के लाभप्रद उपायों को लागू करने के द्वारा पर्यावरणीय मुद्दों का समाधन करने के लिये 141 देशों से बड़ी संख्या में लोग एक-साथ होते हैं। नयी पीड़ियों के स्वागत के लिये एक स्वच्छ और स्वस्थ विश्व बनाने के लिये स्वच्छ पर्यावरण के विषय-वस्तु के प्रदर्शन में लोग भाग लेते हैं। धरती के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिये तथा लोगों को प्रेरणा देने के लिये विश्व पृथ्वी दिवस को मनाने का लक्ष्य है।

इस दिन लोग धरती की सुरक्षा से संबंधित बाहरी गतिविधियों में शामिल होते हैं जैसे नये पेड़-पौधों को लगाना, पौधा रोपण, सड़क के किनारे का कचरा उठाना, गंदगियों का पुर्नचक्रण करना, ऊर्जा संरक्षण आदि। दिनों-दिन बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और दूसरे पर्यावरणीय तबाही से बचाने के लिये कुछ लोग सरकार से त्वरित कार्यवाही करने के लिये आग्रह करते हैं। लोगों को जागरुक करने के लिये वास्तविक पर्यावरणीय मुद्दों के साथ निपटने के लिये इस दिन सभी टीवी चैनल इससे संबंधित कार्यक्रम दिखाते हैं।

जागरुकता बढ़ाने के लिये आयोजन

सरकार के द्वारा इसको आधिकारिक रुप से सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है। सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान इस दिन खुले रहते हैं। अमेरिकी सीनेटर गेलार्ड नेल्सन के द्वारा पहली बार 22 अप्रैल 1970 में पृथ्वी दिवस की स्थापना की गयी। पारिस्थितिकी को बढ़ावा देने और ग्रह पर जीवन के सम्मान के साथ ही वायु, जल और भूमि प्रदूषण की बढ़ती समस्या के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिये इसका आयोजन किया गया है।

लोग जो इस कार्यक्रम को मनाने में भाग लेते हैं, जानवरों और पौधे के जीवन को इंगित करने के लिये हरे और नीले रंग का इस्तेमाल पृथ्वी ग्रह को बनाने में करते हैं और ग्रीन हाउस प्रभाव और ग्लोबल वार्मिंग को शामिल किये हुए अपने प्राकृतिक पुनर्चक्रण का प्रतीक होता है। अमेरिका में कुछ स्थानों पर जागरुक बनाने के लिये फूल, पौधे या कीड़े लगे कपड़ों में सजे हुए एक परेड में भाग लेने के द्वारा लोग पृथ्वी दिवस मनाते हैं कि देखो पूरा पर्यावरण हमारा वास्तविक घर है।

पृथ्वी दिवस को मनाने का कई तरीका है

  • जरुरी स्थानों पर नये पौधा-रोपण करें।
  • अपने परिवार के साथ कुछ बाहरी गतिविधियों में शामिल हों जैसे पेड़ पर पक्षी के लिये घोंसला बनाना और पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका के बारे में चर्चा करना।
  • भूमि और जल प्रदूषण को टालने के लिये प्लास्टिक थैलों के इस्तेमाल में कमी लाने के लिये लोगों को प्रोत्साहित करना।
  • पुराने सामानों का पुनर्चक्रण और दुबारा प्रयोग करने के बारे में अपने बच्चों को सिखाना।
  • सड़क, पार्क और दूसरी जगहों से गंदगी हटाने में भाग लेना।
  • मनोरंजन गतिविधियों में भाग लेना जैसे गीत गायन जो पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित हो और इस उत्सव में शामिल होने के लिये अधिक से अधिक व्यक्तियों को आकर्षित करें।
  • शैक्षणिक सत्रों में भाग लें जैसे सेमिनार, परिचर्चा और दूसरे प्रतियोगी क्रियाकलाप जो धरती के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा से संबंधित हों
  • पर्यावरणीय रंगों को दिखाने के लिये हरे, भूरे या नीले रंग के कपड़े पहनने के द्वारा लोगों को प्रोत्साहित करें।
  • विभिन्न व्यवहारिक संसाधनों के द्वारा ऊर्जा संरक्षण के लिये लोगों को बढ़ावा दें।
  • लोगों को शिक्षा दें कि हर दिन पृथ्वी दिवस है, इसलिये हर दिन उन्हें धरती का ध्यान रखना चाहिये।

विश्व पृथ्वी दिवस उत्सव का महत्व

आम लोगों खासतौर से युवाओं के बीच पर्यावरणीय सुरक्षा के अभियान का पूरा प्रभाव प्राप्त करने के लिये तथा हर वर्ग और समूह के लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाने के लिये इस दिन को (22 अप्रैल) गेलार्ड नेल्सन, पृथ्वी दिवस के संस्थापक ने चुना था। दिमाग में कुछ बातों को रखने के द्वारा उन्होंने इस दिन को चुना कि विद्यार्थियों के लिये परीक्षा का कोई खलल नहीं होगा या आम लोगों के लिये कोई मेला या त्योंहार नहीं होगा, इसलिये हर कोई अपना पूरा ध्यान इस उत्सव पर दे सकता है। ग्रेगरी कैलेंडर के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि 22 अप्रैल 1970 को व्लादिमिर लेनिन का 100 जन्मदिवस था।

विश्व पृथ्वी दिवस का विषय (थीम)

  1. विश्व पृथ्वी दिवस 2015 का विषय था “जल अद्भुत विश्व”।
  2. विश्व पृथ्वी दिवस 2014 का विषय था “हरे शहर”।
  3. विश्व पृथ्वी दिवस 2013 का विषय था “जलवायु परिवर्तन का चेहरा”।
  4. विश्व पृथ्वी दिवस 2012 का विषय था “धरती को संगठित करना”।
  5. विश्व पृथ्वी दिवस 2011 का विषय था “वायु को साफ करें”।
  6. विश्व पृथ्वी दिवस 2010 का विषय था “कम करो”।
  7. विश्व पृथ्वी दिवस 2009 का विषय था “कैसे आप आस-पास रहते हैं”।
  8. विश्व पृथ्वी दिवस 2008 का विषय था “कृपया पेड़ लगायें”।
  9. विश्व पृथ्वी दिवस 2007 का विषय था “धरती के प्रति दयालु बने-संसाधनों को बचाने से शुरुआत करें”।

पृथ्वी दिवस पर कथन

पृथ्वी दिवस पर हमने यहाँ कुछ प्रेरणादायी और अर्थपूर्णं कथन दिया है, पृथ्वी दिवस पर बोले गये ये सारे कथन प्रसिद्ध हस्तियों द्वारा दिया गया है। ऐसे अच्छे कहे गये कथन हमें धरती का ध्यान रखने और इसके प्राकृतिक संपत्ति को संरक्षित करने की प्रेरणा देते हैं।

  • “वैसे, शायद, सबसे बड़ी उपलब्धि, और हम इसे समय पर नहीं जानते थे, क्या हमने 1970 में पृथ्वी दिवस रखा था, पृथ्वी दिवस के अलावा पर्यावरण को बचाने में बहुत सारे विद्यार्थी शामिल हो गये थे, या कोशिश कर रहे हैं।”- पीट मैक्क्लोजकी
  • “हर दिन पृथ्वी दिवस है, और मेरी राय में अब से एक सुरक्षित जलवायु भविष्य में हम निवेश शुरु करें।”- जैकी स्पीयर
  • “पृथ्वी दिवस 1970 अटूट सबूत था कि अमेरिकन लोग पर्यावरणीय चिंताओं को समझते हैं और उसको सुधारने के लिये कार्यवाही चाहते हैं।”- बैरी कॉमनर
  • “अगर हम कभी भी जलवायु परिवर्तन को रोके और भूमि, जल और दूसरे संसाधनों को संरक्षित करें, जानवरों की पीड़ा को घटाना, हमें हर दिन पृथ्वी दिवस मनाना चाहिये- हर खाने पर।”- इंग्रीड न्यूकिर्क
  • “पृथ्वी दिवस पर, हम उन सभी उपहारों की खुशी मनाते हैं जो हमें प्रकृति उपलब्ध कराती है। इसकी उदारता पर अपनी पूरी निर्भरता को हम पहचानते हैं। और भविष्य की पीड़ी के लिये इसके फलों को सुरक्षित रखने के लिये अच्छे प्रबंधन के लिये हम स्वीकार करते हैं।”- जॉन होवेन
  • “पृथ्वी वो है जो हम सभी के पास एक जैसी है।”- वेंडेल बैरी
  • “भगवान को धन्यवाद कि इंसान उड़ नहीं सकते, धरती के साथ ही आकाश को भी बरबाद कर देते।”- हेनरी डेविड थोरियू
  • “खुद को जानने के लिये मनुष्य जुरुर धरती का एहसास करता है और अपने मूल्यों को पहचानता है....ईश्वर ने जीवन आसान बनाया है। ये इंसान है जो इसे जटिल बना देता है।”- चार्ल्स ए लिंडबर्ग
  • “वो जो धरती की सुंदरता पर चिन्तन करता है, मजबूती की रक्षित सेना पाता है जो जीवन के अंत तक बना रहेगा।”- राखेल कार्सन
  • “बोलते हुए स्वर्ग से बात करने के लिये पेड़ पृथ्वी का अंतहीन प्रयास है।”- रविन्द्रनाथ टैगोर
  • “ये पृथ्वी दिवस है मैं आश्चर्य चकित हूँ कि हम लोगों से ज्यादा पेड़ लगा सकते है एक बदलाव के लिये।”- स्टेनले विक्टर पासकविच